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योगा एक्सप्रेस में चढ़ने गया युवक, अगले ही पल प्लेटफॉर्म पर बिछ गई लाश! कैमरे में कैद हुई मौत की पूरी कहानी



नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली से एक बेहद चौंकाने वाली और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। दिल्ली के शाहदरा रेलवे स्टेशन पर महज जनरल बोगी में सीट को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गया और एक युवक की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। इस सनसनीखेज वारदात के बाद रेलवे स्टेशन पर अफरा-तफरी मच गई। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें रेलवे सुरक्षा बल (RPF) कर्मियों की कथित लापरवाही को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

योगा एक्सप्रेस में चढ़ने के दौरान हुआ विवाद

जानकारी के अनुसार यह घटना शनिवार सुबह करीब 6 बजे शाहदरा रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-3 पर हुई। हरिद्वार जाने वाली योगा एक्सप्रेस जैसे ही स्टेशन पर पहुंची, जनरल डिब्बे में सीट पाने के लिए यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। इसी दौरान उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के रहने वाले पंकज धामा भी ट्रेन में चढ़ने की कोशिश कर रहे थे।

भीड़ और धक्का-मुक्की के बीच पंकज धामा का कुछ सहयात्रियों से विवाद हो गया। शुरुआत में मामूली कहासुनी हुई, लेकिन कुछ ही मिनटों में मामला इतना बढ़ गया कि कई लोग एक साथ पंकज पर टूट पड़े। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक गेट के पास शुरू हुआ झगड़ा देखते ही देखते हिंसक रूप ले बैठा।

कई लोगों ने मिलकर की बेरहमी से पिटाई

बताया जा रहा है कि हमलावरों ने पंकज धामा को पहले धक्का देकर प्लेटफॉर्म पर गिरा दिया। इसके बाद भी उनका गुस्सा शांत नहीं हुआ और उन्होंने युवक को लात-घूंसों से बुरी तरह पीटना शुरू कर दिया। सैकड़ों यात्रियों की मौजूदगी में यह पूरी घटना होती रही, लेकिन किसी ने बीच-बचाव करने की हिम्मत नहीं दिखाई।

वायरल वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि कुछ लोग लगातार पंकज धामा पर हमला कर रहे हैं और आसपास मौजूद लोग तमाशबीन बने हुए हैं। कई लोग मोबाइल फोन से वीडियो बनाते नजर आए, लेकिन घायल युवक को बचाने के लिए कोई आगे नहीं आया। इस घटना ने लोगों की संवेदनहीनता पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

RPF कर्मियों की भूमिका पर उठे सवाल

घटना का वीडियो सामने आने के बाद रेलवे सुरक्षा बल की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में आ गई है। वीडियो में देखा जा सकता है कि प्लेटफॉर्म पर मौजूद RPF कर्मी काफी देर तक निष्क्रिय दिखाई देते हैं। आरोप है कि जब तक सुरक्षाकर्मी सक्रिय हुए, तब तक पंकज धामा गंभीर रूप से घायल हो चुके थे।

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यदि समय रहते हस्तक्षेप किया जाता तो शायद युवक की जान बचाई जा सकती थी। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो के बाद लोग RPF की कथित लापरवाही को लेकर नाराजगी जाहिर कर रहे हैं और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

प्लेटफॉर्म पर काफी देर तक पड़ा रहा शव

घटना के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। आरोप है कि उन्हें हटाने के बाद भी रेलवे सुरक्षा कर्मियों ने यह जानने की कोशिश नहीं की कि घायल युवक की हालत कैसी है। पंकज धामा काफी देर तक प्लेटफॉर्म पर पड़े रहे और समय पर चिकित्सा सहायता नहीं मिल सकी।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक प्लेटफॉर्म पर मौजूद लोगों में भय और अफरा-तफरी का माहौल था। कई यात्रियों ने घटना की सूचना रेलवे पुलिस को दी, जिसके बाद ओल्ड दिल्ली रेलवे स्टेशन पुलिस (PS ODRS) की टीम मौके पर पहुंची। इसके बाद घायल युवक को अस्पताल ले जाया गया।

अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने किया मृत घोषित

नई दिल्ली रेलवे के डीसीपी सचिन शर्मा के अनुसार गंभीर रूप से घायल पंकज धामा को तत्काल गुरु तेग बहादुर (GTB) अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मेडिकल लीगल केस (MLC No. 1645/12/26) के तहत मामले को दर्ज किया गया है।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मारपीट के दौरान पंकज धामा के शरीर के अंदरूनी अंगों को गंभीर चोटें पहुंची थीं, जिसके कारण उनकी मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।

वायरल वीडियो बना जांच का अहम आधार

इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पुलिस और रेलवे सुरक्षा एजेंसियां वायरल वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान करने की कोशिश कर रही हैं। स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि हमलावरों को जल्द गिरफ्तार किया जा सके।

अधिकारियों का कहना है कि वीडियो और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से आरोपियों की पहचान की जाएगी और उनके खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था पर फिर उठे सवाल

इस घटना ने एक बार फिर रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। रोजाना लाखों यात्री ट्रेनों में सफर करते हैं, लेकिन जनरल डिब्बों में भीड़ और सीट को लेकर होने वाले विवाद अक्सर गंभीर घटनाओं का रूप ले लेते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि जनरल कोच में यात्रियों की अत्यधिक भीड़ और पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था का अभाव इस तरह की घटनाओं की बड़ी वजह है। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रेलवे प्रशासन को अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात करने और भीड़ नियंत्रण के प्रभावी इंतजाम करने की जरूरत है।

परिवार में मचा कोहराम, आरोपियों की तलाश जारी

पंकज धामा की मौत की खबर मिलते ही उनके परिवार में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है और साथ ही रेलवे सुरक्षा बल की भूमिका की निष्पक्ष जांच की भी मांग उठाई है।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। सीसीटीवी फुटेज और वायरल वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर एक सीट के लिए इंसान की जान लेना और तमाशबीन बने रहना समाज को किस दिशा में ले जा रहा है।

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